इलाज शुरू होने के बाद पहली मेडिकल रिपोर्ट सामने
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रावलपिंडी के अदियाला जेल में एक टीम ने मेडिकल जांच की, जिसमें उनकी दाहिनी आंख में बिना चश्मे के 6/24 और बायीं आंख में 6/9 आशिंक दृष्टि पाई गई। पाकिस्तानी की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
चश्मे के साथ दृष्टि की स्थिति क्या है?
'डॉन' अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, चश्मे के साथ दाहिनी आंख में 6/9 और बायीं आंख में 6/6 दृष्टि थी। 6/6 दृष्टि का मतलब है कि व्यक्ति छह मीटर की दूरी पर सामान्य दृष्टि वाले किसी व्यक्ति की तरह चीजें स्पष्ट रूप से देख सकता है। जबकि 6/9 दृष्टि का अर्थ है कि व्यक्ति छह मीटर पर केवल उतना ही देख सकता है, जितना सामान्य दृष्टि वाला नौ मीटर की दूरी से देख सकता है।
मेडिकल बोर्ड में कौन-कौन शामिल थे?
रिपोर्ट के मुताबिक, मेडिकल बोर्ड में डॉ. प्रोफेसर नदीम कुरैशी, रावलपिंडी के अल-शिफा ट्रस्ट नेत्र अस्पताल के रेटिना विभाग के प्रमुख और डॉ. प्रोफेसर एम अरिफ, इस्लामाबाद के पाकिस्तान मेडिकल साइंसेज इंस्टीट्यूट (पीआईएमएस) में नेत्र रोग विभाग के प्रमुख शामिल थे। स्लिट लैम्प जांच में यह पाया गया कि दोनों आंखों की बाहरी परत (कॉर्निया) बिलकुल साफ थी और आंख के सामने वाले हिस्से में कोई गड़बड़ी नहीं थी। दाहिने आंख के अंदर का पारदर्शी तरल (विट्रियस) भी ज्यादातर साफ था, लेकिन उसमें कुछ छोटे-छोटे रेशेदार धब्बे दिखे और आंख के नीचे थोड़ी बहुत रक्तस्राव जैसी समस्या थी।
रेटिना और मैकुलर एडिमा की स्थिति क्या है?
रिपोर्ट के मुताबिक, दाहिने आंख के रेटिना यानी पीछे की परत में चारों हिस्सों में मध्यम मात्रा में रक्तस्राव था और कुछ छोटे सफेद धब्बे (कॉटन वूल स्पॉट्स) भी दिखे। आंख के बीच वाले हिस्से (मैकुलर एडिमा) में सूजन धीरे-धीरे ठीक हो रही थी और फोकस का मुख्य हिस्सा (फोवीअल कॉन्टूर) साफ नजर आ रहा था। रेटिना अपनी जगह जुड़ा हुआ था। खास जांच (ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी) में भी पाया गया कि मैकुलर सूजन घटकर कम हो गई थी और आंख के बीच की मोटाई 550 से घटकर 350 हो गई।
पीटीआई के नेताओं को दी गई जानकारी
रिपोर्ट के मुताबिक, पीटीआई अध्यक्ष गोहर खान और सीनेट में विपक्षी नेता अल्लामा राजा नासिर अब्बास रविवार को पीआईएमएस पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें इमरान खान की स्थिति से अवगत कराया। इमरान खान के निजी चिकित्सकों को भी फोन पर जानकारी दी गई। हालांकि, इससे पहले पीटीआई नेता लतीफ खोसा ने पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश याह्या अफरीदी से औपचारिक रूप से संपर्क किया और इमरान खान की जांच के तरीके पर गंभीर आपत्तियां जताईं। उनके पत्र में बताया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री की जांच अदियाला जेल में बहुत गोपनीय तरीके से की गई, जिससे लोगों में कई तरह की चिंता पैदा हो गई।
